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बेटी बचाने और पढ़ाने के लिए लिया आठवां फेरा
दस समाजसेवियों ने मिलकर विदा किया 21 बेटियों को
इंदौर। दस समाजों के 21 युगलों का सामूहिक विवाह आज शाम विद्युत एवं पुष्प सज्जा से श्रृंगारित होटल ग्रेण्ड ओमनी में धूमधाम से संपन्न हुआ। विभिन्न 10 समाजों की 21 बेटियों के विवाह के लिए राम दरबार के भव्य मंच पर विराजित सालासर बालाजी और गणेशजी की साक्षी में 21 पंडितों ने अग्निकुंड के सात फेरों के साथ इन्हें 8वें वचन के रूप में बेटी को बचाने और पढ़ाने का संकल्प भी दिलाया।
गोधूलि बेला में इन युगलों ने संस्था सेवा संकल्प की मेजबानी में अपने-अपने समाजों की परंपराओं के अनुरूप परिणय बंधन को स्वीकार किया। बॉम्बे हॉस्पिटल के पास स्थित होटल ग्रेण्ड ओमनी, ओमनी रेसीडेंसी एवं कान्हा गार्डन पर आज सुबह से इन नवयुगलों एवं मेहमानों की आवाजाही शुरू हो गई थी।
संयोजक राजेश कुंजीलाल गोयल एवं सुनील-डॉ. दिव्या गुप्ता ने बताया कि सुबह गणेश पूजन, चाक भात, दोपहर में मंडप, सामेला एवं संयुक्त चल समारोह के बाद दुल्हनें बग्घी में और दूल्हे घोड़ियों पर सवार होकर मात्र 50 कदम की दूरी पर स्थित विवाह स्थल पहंुचे और इस बीच बैंड-बाजों की धुनों पर थिरकते हुए अपनी खुशियां बांटी।-
डॉ. महिमा ने अमेरिका से दी बधाई
इस अनूठे सामूहिक विवाह की प्रेरणा स्त्रोत और इंदौर के उद्योगपति सुनील-डॉ. दिव्या गुप्ता की बेटी डॉ. महिमा गुप्ता और आस्ट्रेलिया मूल के साफ्टवेयर इंजीनियर जस्टिन ने शहर के दस समाजसेवियों की इस पहल का स्वागत करते हुए अपने संदेश मंे सभी नवयुगलों को मंगलकामनाएं भेजते हुए कहा कि इस तरह की आदर्श परंपराओं से ही बेटियों को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का हौंसला मिलेगा। देवी अहिल्या की नगरी में बेटियों के सम्मान की यह परंपरा अभिनंदनीय और अनुकरणीय भी है। डॉ. महिमा और जस्टिन चाहते हुए भी इस विवाह में शामिल नहीं हो सके, इसके लिए उन्होंने सभी नवयुगलों एवं विवाह में सहयोग देने वाले समाजसेवियों से क्षमा भी मांगी है।
होटल परिसर में अग्रवाल ग्रुप के सौजन्य से बने राम दरबार के भव्य मंच पर सालासर बालाजी और गणेशजी भी विराजित किए गए थे। बारात के विवाह स्थल पहंुचने पर सभी युगलों को निर्धारित मंडप में बिठाने के बाद पंडितों के निर्देशन में विभिन्न रस्में संपन्न हुई। सभी जोड़ों के लिए 21 मंडप, 21 लग्नवेदी, 21 तोरण बनाए गए थे। चल समारोह में भी न तो आतिशबाजी की गई और न ही फूलों की वर्षा। चल समारोह सडक के एक ओर यातायात चालू रखते हुए निकाला गया।
इस मौके पर गुप्ता दंपत्ति के साथ उनके मेहमान एवं इस विवाह के सहयोगी समाजसेवी दिनेश मित्तल, विनोद अग्रवाल, विष्णु बिंदल, प्रेमचंद गोयल, टीकमचंद गर्ग, पुनीत अग्रवाल, अरूण मेहता, लक्की सिंह, अजीत सराफ सहित अनेक विशिष्टजन भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम स्थल की भव्य और मनोहारी सजावट तथा भोजन व्यवस्था भी देखने लायक थी। शहर के वैश्य घटकों की ओर से गोविंद मंगल, रमेश गुप्ता पीठेवाले, श्याम अग्रवाल, गोविंद गर्ग भमोरी, अनिल अग्रवाल, पवन गुप्ता सहित अनेक प्रतिनिधि भी पूरे समय मौजूद रहे। गोधूलि बेला में शुभ लग्न संपन्न हुए।
आशीर्वाद समारोह में देर रात तक शहर के अनेक विशिष्ट अतिथियों ने शामिल होकर नवयुगलों को ढेरों उपहारों के साथ विदाई दी। प्रत्येक युगल को विदाई में एलईडी टीवी, फ्रीज, दूल्हे का सूट या दुल्हन का चुनरीबेस, कूलर, कुकर, सिलाई मशीन, मिक्सर, बर्तनों का सेट, अलमारी, गद्दे तकिये के अलावा पायजेब, बिछुड़ी, मंगलसूत्र का सेट, सोलह श्रृंगार की सामग्री सहित लगभग 40 गृहस्थी योग्य उपहार दिए गए।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 17 नवंबर को सुनील-डॉ. दिव्या गुप्ता की अमेरिका में रहने वाली वैज्ञानिक बेटी महिमा गुप्ता ने अपने विवाह के समय अपने माता-पिता के समक्ष इच्छा जताई थी कि मेरे विवाह के साथ 21 अन्य बेटियों के भी हाथ इसी तरह शाही समारोह में पीले किए जाएं। गुप्ता दंपत्ति ने पूरे मन से अपनी बेटी की यह इच्छा पूरी की थी।
अब उनसे प्रेरणा लेकर शहर के दस अन्य समाजसेवियों ने भी आज इस संकल्प को आगे बढ़ाया है।संलग्र चित्र – होटल ग्रेण्ड ओमनी में आयोजित 21 युगलों के सामूहिक विवाह के पूर्व निकली संयुक्त शोभायात्रा, विवाह स्थल पर बने भव्य रामदरबार एवं आशीर्वाद समारोह में मौजूद मेहमानों की तस्वीरें।


